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अगरहो प्यार के मौसम तो हमभी प्यार लिखेगें,खनकतीरेशमी पाजेबकी झंकारलिखेंगे

मगर जब खून से खेले मजहबीताकतें तब हम,पिलाकर लेखनीको खून हम अंगारलिखेगें

Sunday, October 20, 2013

सेक्युलर बनने के लिए कुछ शर्तें !

कमसे कम ५ शर्त मानिये और सेक्युलर हो जाइये !

- अलगाववादियों का समर्थन
-आतंकवादियों का समर्थन
-कश्मीर पर पाकिस्तान के रुख का समर्थन
- गौहत्या का समर्थन
- जालीदार टोपी लगाना जरुरी
- अयोध्या में राम मंदिर का विरोध
-आतंकवादियों के परिवार को सहयोग
-शहीदों का अपमान
-हज पर सब्सिडी और अमरनाथ यात्रा पर टैक्स का समर्थन
- आतंकवादियों के परिवार को आर्थिक सहायता का समर्थन
-आतंकवादियों को जेल से छोड़ने का समर्थन
-कम्युनिस्टों और नक्सालियों का समर्थन
-वन्देमातरम का विरोध
-तिरंगे का अपमान करने वालों का समर्थन
-पाकिस्तानी आतंकवादियों को बिरयानी खिलने का समर्थन
आतंकवादियों को अपने घर,राज्य या मोहल्ले की बहु,बेटी,बीटा या ताऊ घोषित करना
-हिन्दू संतों का अपमान

अगर आप ऐसा नहीं कर पाते तो मेरी तरह साम्प्रदायिक बने रहिये और "वन्देमातरम"गाते रहिये.

Friday, October 18, 2013

कुछ ज्ञानवर्धक ट्रिक

अच्छे बुरे की पहचान कैसे करें?


-जिसके खिलाफ दिग्विजय सिंह बोल रहे होंगे वह अच्छा ही होगा


इस समय भारतवर्ष की सबसे बड़ी गाली 



-अबे तू खान्ग्रेसी है क्या?


देश द्रोही को कैसे पहचाने ?



-या तो मुलायम सिंह का करीबी होगा या उसके थोड़े से कष्ट पर भी 



सोनिया गांधी फूट-फूट कर रो रही होंगी.


कैसे पहचाने की भासण देने वाला व्यक्ति राहुल गाँधी ही है?



-भासण का अंश "मेरे माँ की $$$ मेरे माँ ने $$$ मम्मी $$$


दूर से कैसे पहचाने की रैली किस पार्टी की है.



-भाजपा :भारत माता की जय,वन्देमातरम,जय हिन्द 


....
-कांग्रेस : सोनिया जी जिंदाबाद,राहुल गाँधी जिंदाबाद 

Saturday, September 7, 2013

यूपी के सपा सरकार का एक शर्मनिरपेक्ष चेहरा और मुजफ्फरनगर में हो रहे दंगे एवं हिन्दू नरसंघार का सच

मुजफ्फर नगर में हो रहे दंगे की पठकथा उसी दिन लिख दी गयी थी जब एक हिन्दू लड़की के साथ हुए छेड़छाड की घटना के बाद विरोध कर रही भीड़ पर प्रशाशन एकतरफा हिन्दुओं पर करवाई करने में जुटा रहा. लड़की के दोनों भाइयों गौरव और सचिन की हत्या कर दी गयी और प्रशाशन फिर भी चुप रहा और हिन्दुओं को पकड़-पकड़ कर जेल में ठुसता रहा.अखिलेश यादव को अपने मुस्लिम वोट बैंक की चिंता थी और वो जानते थे की हिन्दू तो चूति....हैं वो तो जाति के नाम पर हमें वोट देंगे ही,अतः दोषी मुसलमानों पर कोई करवाई नहीं हुई और छेड़छाड़  करने वाले आराम से घूमते रहे.उल्टा अखिलेश सर्कार ने मुज़फ्फर नगर के एसपी सुरेन्द्र सिंह को हटाकर अब्दुल हमीद को बना दिया गया जिससे हिन्दुओं पर एकतरफा करवाई से मुस्लिम वोटों का ध्रुवीकरण किया जा सके.इसकी परिणिति कल की घटना के रूप में हुई जब मुसलमानों द्वारा मस्जिदों से घात लगाकर किये गए हमलों में दर्ज़नो हिन्दू मारे गए,सैकणों घायल हुए और कई अब अभी लापता हैं.
मै यहाँ केवल मुसलमानों को दोष नहीं दे सकता और न ही अखिलेश सरकार को.क्योंकि हिन्दू जातिओं मे बटे रहे और अपनी जाति को वोट देते रहे मुसलमान एक जुट होकर उनकी सुनने वालों को वोट देते है. इसी लिये मुलायम, नीतीश, लालू जैसे नेता पैदा होते हैं और फलते फूलते है जिम्मेदारी हिन्दू जनता की है जो सोंच समझ कर वोट नही करती वो दिन दूर नही जब हिन्दुस्तान मे न हिन्दू बचेगा न कोई हिन्दू जाती हिन्दू खुद आत्मघाती है कोई उसकी क्या मदद करेगा?